उत्तराखंडशिक्षा

गंगोत्री फिजिकल एकेडमी ने बदली सैकड़ों युवाओं की तकदीर, पांच साल में 300 के करीब भर्ती

हर साल सफलता की नई उड़ान, इस बार गंगोत्री फिजिकल एकेडमी से 77 युवा बने अग्निवीर

पहाड़ के युवाओं के लिए उम्मीद का केंद्र बनी गंगोत्री फिजिकल एकेडमी, लगातार मिल रही सेना में सफलता उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती का सपना साकार कराने में उत्तरकाशी के तिलोथ स्थित गंगोत्री फिजिकल एकेडमी लगातार नई मिसाल कायम कर रही है। वर्ष 2020 में पूर्व सैनिक चन्द्रमोहन सिंह पंवार द्वारा स्थापित इस एकेडमी ने सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद ऐसा मुकाम हासिल किया है, जहां से अब तक करीब 250 से 300 युवा भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में एकेडमी के 77 अभ्यर्थियों का अग्निवीर भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

मां गंगा की पावन धरती तिलोथ में स्थापित गंगोत्री फिजिकल एकेडमी की शुरुआत बेहद साधारण परिस्थितियों में हुई थी। उस समय न आधुनिक संसाधन थे और न ही अपना प्रशिक्षण केंद्र। इसके बावजूद पूर्व सैनिक चन्द्रमोहन सिंह पंवार ने युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देने का संकल्प लिया और खुले मैदानों तथा मनेरा स्टेडियम में नियमित अभ्यास शुरू कराया। स्थानीय लोगों के सहयोग से बाद में एक जर्जर भवन को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया गया, जो आज दूर-दराज एवं स्थानीय क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए आवास और भोजन जैसी सुविधाओं भी निशुल्क है।

एकेडमी का उद्देश्य केवल सेना में भर्ती कराना नहीं, बल्कि युवाओं को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाना है। यहां अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रसेवा की भावना और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जोर दिया जाता है। इसके साथ ही युवाओं को नशामुक्त जीवन के प्रति भी जागरूक किया जाता है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

उत्तरकाशी के अलावा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून और अन्य जनपदों के युवा भी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। एकेडमी की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि स्थापना के बाद से अब तक लगभग 250 से 300 युवा भारतीय सेना में भर्ती हो चुके हैं। इस वर्ष भी 77 अभ्यर्थियों के अग्निवीर भर्ती में चयन ने एकेडमी की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ दिया है।

चयनित युवाओं का कहना है कि गंगोत्री फिजिकल एकेडमी उनके लिए केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहां उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने, अनुशासन में रहने और देश सेवा को सर्वोच्च मानने की प्रेरणा मिली। उनका मानना है कि यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत का साथ हो तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।

एकेडमी के संस्थापक चन्द्रमोहन सिंह पंवार ने बताया कि भविष्य में संस्था को और आधुनिक बनाने का लक्ष्य है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने समाज, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो यह संस्थान प्रदेश के युवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का सैन्य प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है।

आज गंगोत्री फिजिकल एकेडमी केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐसा केंद्र बन चुकी है, जहां से निकलकर सैकड़ों युवा भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह पहल आज संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायी कहानी बन चुकी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button