अपने पीछे हजारों मीट्रिक टन कूड़ा छोड़ गए शिवभक्त
7000 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण के लिए होगा नगर निगम के लिए चुनौती।

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान धर्मनगरी हरिद्वार में करीब पांच करोड़ शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य को रवाना हो गए हैं। यात्रा संपन्न होने के बाद अब नगर निगम के सामने कांवड़ियों द्वारा छोड़े गए कूड़े के निस्तारण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र से करीब 7000 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र होने का अनुमान है।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे कांवड़ यात्रा के दौरान लगभग 7000 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में भी शहर में करीब 15 दिनों के भीतर लगभग 2000 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है। इस लिहाज से कांवड़ मेले के दौरान सामान्य कचरे के अतिरिक्त करीब 5000 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा उत्पन्न हुआ है।
नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण को लेकर पहले से ही तैयारियां की थीं। कांवड़ मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कूड़े को एकत्र करने और उसके पृथक्करण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। नगर आयुक्त के अनुसार, कूड़े में से कपड़े सहित अन्य उपयोगी सामग्री को पहले ही अलग किया जा चुका है। इससे आगे कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो जाएगी।अब नगर निगम की प्राथमिकता मेला क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर स्वच्छता व्यवस्था को सामान्य करना है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों और संसाधनों को जुटाकर अभियान चलाया जा रहा है।
खुले में शौच से मुक्त हुआ कांवड़ मेला
हरिद्वार नगर निगम का ने इस बार सफाई व्यवस्था में बड़ा उदाहरण पेश किया है ,
इस बार नगर आयुक्त नंदन कुमार के नेतृत्व में की गई सफाई व्यवस्था की प्रशंसा हर जगह की जा रही है, मेला क्षेत्र में लगाए गए शौचालय पूरी तरह से साफ दिखाई दिए क्योंकि सफाई कर्मचारियों की तैनाती भी हर समय रही वही दूसरी ओर सीवेज निस्तारण के लिए उत्तराखंड जल संस्थान की गंगा शाखा ने भी सराहनीय कार्य किया।




