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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीटी और एआई को भारतीय भाषाओं में लागू करने का आह्वान किया

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण के अनुरूप कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भारतीय भाषाओं में लागू करने का आह्वान किया है। नई दिल्ली में तीसरी से आठवीं कक्षा तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हालांकि पाठ्यक्रम अंग्रेजी में है, लेकिन इसे स्थानीय भाषाओं में प्रस्‍तुत करना होगा। श्री प्रधान ने कहा कि भारत में बौद्धिक विविधता और ज्ञान को प्रभावी ढंग से स्थानीय बनाने की क्षमता के कारण तेजी से अनुकूलन की क्षमता है। उन्होंने भारत की ऐतिहासिक बौद्धिक परंपरा और आर्यभट्ट तथा माधव जैसे गणितज्ञों का उल्लेख किया, जिन्होंने अपनी मातृभाषाओं में मौलिक विचार प्रस्‍तुत किए। उन्होंने कहा कि यह विरासत क्षेत्रीय भाषाओं में एआई जैसी आधुनिक ज्ञान प्रणालियों के लोकतंत्रीकरण की आवश्यकता को बल देती है।

श्री प्रधान ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद- एनसीईआरटी को राज्य निकायों के साथ समन्वय स्थापित करने और शैक्षणिक वर्ष के भीतर सभी भाषाओं में पाठ्यक्रम का अनुवाद और कार्यान्वयन करने का भी निर्देश दिया।

शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि नवनिर्मित कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम को देश भर के सी.बी.एस.ई विद्यालयों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नवाचारी शिक्षण विधियों और उभरती प्रौद्योगिकियों से प्रारंभिक परिचय पर केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा विकसित सीटी और एआई पाठ्यक्रम का उद्देश्य कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों को आधारभूत डिजिटल और विश्लेषणात्मक कौशल से परिचित कराना है, साथ ही उभरती प्रौद्योगिकियों को प्रारंभिक चरण में ही स्कूली शिक्षा में एकीकृत करना है।

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